मुझे बड़ी आदत थी जोड़ने की तो बस जोड़ती गई ताउम्र बस जोड़ती ही रही कुछ सपने बुनती ही गई सवाँरती ही गई उम्मीद के रेशमी धागे से ख़्वाबों में क्यारियाँ लगाती ही गई मुझे बड़ी आदत थी जोड़ने की वो टूटे मिट्टी के बर्तनको फिर से संभालना वो सहेज के रखना शायद था या … Continue reading मुझे बड़ी आदत है जोड़ने की
Author: Simmi Bhatt
I am a free spirited woman